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तू एक बार लड़का बन कर तो देख

Utkarsh RajputUtkarsh Rajput August 31, 2022
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तू लड़का है, तू किसी भी हाल में रो नहीं सकता।
खिलौना टूटे या दिल, तू पलके भीगों नहीं सकता।

एक के दिल का नूर है तू, किसी की मांग का सिंदूर है तू। कौन समझेगा किसे बताएगा? अरे दिनभर की थकान से चकनाचूर है तू।

तू मर्द है रोके दिखा नहीं सकता, कितना भी टूटा हो दिल आंसू बहा नहीं सकता।
तू दिन रात सुबह शाम इन ख्वाहिशों की भट्टी में जलकर तो देख, तू एक बार लड़का बन कर तो देख।

लाड़ प्यार से ज्यादा जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया जाता है, कितनी मुश्किल से कमाते है पैसा, बचपन से यही सिखाया जाता है।

क्या तू देख पाएगा माता पिता को इस उम्र में काम करते हुए या देख पाएगा बीबी बच्चो को अभाव में पलते हुए? तुझे हर घाव हर ज़ख्म को छुपाना पड़ेगा, कुछ भी हो तुझे दुनिया के सामने मुस्कुराना पड़ेगा, कितना दर्द है इस दिल में इस पर हाथ रखकर तो देख तू एक बार लड़का बन कर तो देख।

तुझे कृष्ण बन प्रेम का राग सुनना पड़ेगा, मन में बसी हो राधा लेकिन रुकमणी से ब्याह रचाना पड़ेगा।
तू अपनी ही इक्छाओं पर आदर्शो का चोला पहन कर तो देख तू एक बार लड़का बन कर तो देख।

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