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ख्वाबों में फिक्र

Omprakash MishraOmprakash Mishra November 13, 2022
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मुझ‌ पर कुछ यूं हक़ जताया कर,
मिलें जब भी गले से लगाया कर।

किसी की नज़र न लगा जाए,
तु गैरों से नजरें चुराया कर। 

यूं ज़माने की नज़र लग जाएगी,
बस ख्वाबो में मिलने आया कर।

पल-दो-पल का यही सुकूँ है,
तू‌ बस बेवजह मुस्कुराया कर ।

मैं किसी और का हो जाऊंगा,
इस फिक्र को धुंए में उड़ाया कर ।

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