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मैं इसलिए भी इश्क़ से परहेज़ कर रहा

Om AwasthiOm Awasthi November 11, 2021
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उलझन से बच रहा है वो उलझन में डाल कर

हमको लगा था देगा कोई हल निकाल कर


नफ़रत की आग में जो ये जज़्बात मर गये

प्यासों को देगी क्यूँ ये ज़मीं जल निकाल कर


तेरी तलब में जैसे फिरा मैं गली गली

तू भी हमारे इश्क़ में खुद का ये हाल कर


क़िस्मत पे वो ही लोग उठाते है उंगलियां

रखतें है अपने काम जो सब कल पे टाल कर


मैं इसलिये भी इश्क़ से परहेज़ कर रहा

रखता नही है कोई भी दिल देखभाल कर 

Om awasthi

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