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के दो क़दम भी हमे मानो दो जहान लगे

Om AwasthiOm Awasthi November 11, 2021
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गिला हो प्यार हो ,कुछ भी हो दरमियान लगे

कि बात करने में कुछ दिल को इत्मिनान लगे


थे सामने ही मगर हम में इतनी दूरी थी

कि दो क़दम भी हमे मानो दो जहान लगे


कभी तो मेरी ख़ुशी ग़म से कुछ ज़ियादा हो

कभी तो दर्द से खाली ये मर्तबान लगे


गिना रहा हूँ मोहब्बत के फ़ायदे सबको

कि कुछ तो लोगो का नफ़रत में कम धियान लगे


फिर उनसे इश्क़ का इजहार लाज़मी भी नही

इशारे जिनको समझने में तर्जुमान लगे


वो जिनको पहली मोहब्बत में मिल गया धोखा

वो दूसरे में ज़ियादा ही सावधान लगे 

Om awasthi

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