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कली का फूल बनना तय हुआ है

Nivedan KumarNivedan Kumar December 30, 2021
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कली का फूल बनना तय हुआ है

फिर माली को इसका भय हुआ है


श्रम का स्वाद जिसने भी चखा है

वही हर कार्य में विजय हुआ है


अहं को जिसने भी धारण किया है

निश्चित है कि उसका क्षय हुआ है


हर एक काली निशा के बाद ही तो

दिनकर का सदा उदय हुआ है


दुनिया का यही एक सच है केवल

किसी का भी नहीं ये समय हुआ है


कुछ न कुछ खास है उसमें तभी तो

दीवाना उसका हर एक शय हुआ है


वृक्ष से पात जब सब गिर चुके हैं

उसके बाद ही किसलय हुआ है


उसके मुताबिक तय है सब कुछ

हमारे साथ जो असमय हुआ है


उत्तरों की प्राप्ति होती तभी है

किसी को जब कोई संशय हुआ है


किया है काम जब अद्भुत किसी ने

जगत से उसका तब परिचय हुआ है


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