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बनाया जा सकता है

Nivedan KumarNivedan Kumar August 13, 2022
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मेहनत को औज़ार बनाया जा सकता है

सचमुच का संसार बनाया जा सकता है


कोशिश और हिम्मत को ही हमराह बनाकर

मुश्किल को हमवार बनाया जा सकता है


सच को अपना मज़हब,अपनी जाति इमां

इज्ज़त को दस्तार बनाया जा सकता है


प्यार,मोहब्बत,अपनेपन से घर को मंदिर

रिश्ते को त्यौहार बनाया जा सकता है


ताज्जुब है हैरानी है इस सच से मुझको

झूठ को भी अख़बार बनाया जा सकता है


आप अगर मालिक की हां में हां कहते हैं

आपको भी सरदार बनाया जा सकता है


मज़हब को नफ़रत का कड़वा ज़हर पिलाकर

नस्लों को बीमार बनाया जा सकता है

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