बख़्शीश's image
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जो जिंदगी ने दी मुझे बख्शीश की तरह

खुशियां मेरे नसीब में कुछ थी इस तरह


ख़ुद पर भी अब हमें वो एतबार नहीं है

अब जिंदगी लगती किसी साज़िश की तरह


बिखरे पड़े हैं हम कुछ यहां कुछ वहां

टूटे हुए जैसे किसी ख्वाहिश की तरह


गनीमत है मेरी साँस अब तक चल रही है

बेचैनी है इस ज़िस्म में लरजिश है इस तरह


अब सजा का डर नहीं न मौत का ग़म है

गुज़र रही है जिंदगी गर्दिश में इस तरह


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