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स्कूटी और जिंदगी

Nitin Kr HaritNitin Kr Harit October 21, 2022
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स्कूटी पर बैठे अचानक विचार आया

कि आगे का पहिया

जैसे हो भविष्य,

पीछे वाला भूत...

और इन दोनों को आधार लिए

सीट पर बैठा मैं वर्तमान.


अगर ये पहिये रुके,

तो क्या चल पायेगी स्कूटी?

और क्या खड़ी ही हो पायेगी

अपने बलबूते, बिन स्टैंड?

नहीं, एक क्षण को भी नहीं,

वर्तमान को ज़मीन पर

यकीनन टिकाने पड़ जायेंगे पैर...


- नितिन कुमार हरित

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