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प्रेम का दृष्टिकोण

Nitin Kr HaritNitin Kr Harit December 25, 2021
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प्रेम का दृष्टिकोण ही अलग है, 

वो समस्याएं नहीं, संभावनाएं देखता है।

उसे रास्ते के कंकड पत्थर नहीं दिखते,

पगडंडियाँ दिखतीं हैं...

जो उसे वहां लेकर जाती हैं, जहां उसे जाना है।


- नितिन कुमार हरित

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