दुर्गा स्तुति's image
OtherPoetry1 min read

दुर्गा स्तुति

Nitin Kr HaritNitin Kr Harit October 9, 2021
Share0 Bookmarks 75 Reads0 Likes

" दुर्गा स्तुति "


कभी शुभ्र तुम, कभी यामिनी,

कभी उग्र तुम, कभी दामिनी।

तुम चंद्रिका, तुम चंचला,

तुम चंडिका, तुम स्वामिनी ।।


कभी मुग्ध तुम, कभी क्रुद्ध तुम,

कभी हो दया, कभी युद्ध तुम ।

कभी निर्झरा, कात्यायनी,

हर रूप में अति शुद्ध तुम ।।


अति रौद्र हो, हे शिव प्रिया,

नारायणी, चित्रा, जया ।

हे पाटला, भवमोचिनी,

हे महाबला, हे बलप्रदा ।।


अतिभव्य, यति, माहेश्वरी,

हे वैष्णवी, सुरसुन्दरी ।

हर रूप में , हर नाम में,

हे मात तुम, सर्वोपरि ।।


नत शीष, उर, स्वीकार हो,

अवलंब हो, आधार हो ।

तेरी कृपा की याचना,

हे शाम्भवी, साकार हो।।

- नितिन कुमार हरित


insta/fb : @aaina.nkharit

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts