मै बुरा हूँ !'s image
Share0 Bookmarks 78 Reads2 Likes

जमाने से क्या पूछते हो कि मै कितना बुरा हूं,

मै जो भी हूं तेरा ही एक चेहरा हूं ।


किस गलतफहमी में घूमते हो आजकल,

तुम वैसे ही हो जैसा मै कह रहा हूँ ।


जिस रिश्ते को एहसान तले दबा दिया तूने,

उस रिश्ते को मै अलविदा कह रहा हूँ ।


कोई कह रहा था वक्त भर देता है जख्मों को ,

मै सालों बाद भी पुरवाई में कराह रहा हूँ ।


मिसालें दिया करता था मै जमाने को तेरी यारी के,

नहीं पता था कि मै धीरे-धीरे रेता जा रहा हूँ।


रूह वही रहेगी चाहे कितने ही लिबास बदलो,

खुद से भी कभी पूछना ये सब कैसे कर लेता हूँ ।


जिस रोज़ इल्म होगा तुझे मेरी यारी का दोस्त,

उस रोज़ तू समझेगा की मै क्या और क्यूं कह रहा हूँ ।


सबके करम लिखे हैं बही खातों में,

मै कौन होता हूं जो कचहरियां लगा रहा हूँ ।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts