महफिलें's image
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ये क्या जादू चलाते हो !
महफिलों में तुम अकेला कर जाते हो ।

जब रहते साथ हो फिर आते क्यूं नहीं ?
आने जाने की भी जहमत तुम नहीं उठाते हो ।

अब तो तुम चिठ्ठीयों का जवाब भी नहीं देते ,
फिर जमाने में मोहब्बत की कसमें क्यूं खाते हो?

ये सारे नखरे तुम मुझे ही क्यों दिखालाते हो ?
लगता है किन्ही और महफिलों के बुलावे पाते हो।

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