चाय's image
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दिल हर शाम,

एक कप चाय ढूंढने लगता है।

वो पुराने यार या, 

कोई याद ढूंढने लगता है। 

समझदार दुनियाँ में, 

लापरवाहियां ढूंढने लगता है।

कभी अतरंगी सी, 

कुछ कहानियां ढूंढने लगता है ।

रंग-बिरंगी दुनिया के, 

कुछ कलाकार ढूंढने लगता है।

नुक्कड़ पे काटी,  

हर एक शाम ढूंढने लगता है ।

कभी सुदामा तो, 

कभी इक़बाल ढूंढने लगता है।

दिल हर शाम,

एक कप चाय ढूंढने लगता है।

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