अजब-अनोखी दुनिया's image
1 min read

अजब-अनोखी दुनिया

Nishant JainNishant Jain June 16, 2020
Share0 Bookmarks 376 Reads0 Likes

अजब-अनोखी प्यारी दुनिया,

लगती सबसे न्यारी दुनिया,

इस दुनिया के खेल नवेले,

जीव-जंतु प्यारे अलबेले।


अजब-गजब हैं रंग धरा के,

कैसे खेल खिलाती है,

टीचर कहती गोल है दुनिया,

मुझको चपटी लगती है।

 

इस दुनिया में कैसे-कैसे,

पशु-पक्षी हैं भरे पड़े,

कोई छोटा कोई मोटा,

जाने कैसे रंग भरे।

 

लंबी गर्दन है जिराफ की,

ऐसी जैसे हो खंभा,

जंबो हाथी इतना भारी,

लेना मुश्किल है पंगा।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts