शक्ति's image
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जहाँ नारी शक्ति ज्ञान की गाथा वेद पुराण सुनाते 

उस देश के पुरुष स्त्री को उसकी मर्यादा समझाते.

वो महापुरुष थे पांच वहां पर पांचाली सभा में लायी गयी

पांच पतियों के होते हुये इज्जत उसकी उछाली गयी.

महाभारत ज्ञान और नीति से बात इतनी सिख लो

माधव की इस गाथा में उनकी दिग्दर्शन प्रत्यक्ष लो 

हो ब्रह्मशक्ति विकराल तुम,नारी तुम हो शक्ति अपार

बन ढाल दृढ़ शक्ति चंडीका अपनी रक्षा स्वयं करो 

जब आंच आये आँचल पर धर भद्र रूप विध्वंस करो.

शक्ति तुम दुर्गा तुम गंगा से कुछ सीख लो

अपनी अपार शक्ति से चट्टान को भी चीर दो.

सौम्य शीतल तुम हो ना हो चंडी से तुम सीख लो

शिक्षा का तुम धन लो धाम तुम स्वयं बनो

नैन तेज धर साहस का हर दिवार ध्वस्त करो

हर कुरीति की जंजीर को खंडित कर उड़ान भरो

अब छोड़ो मुरत त्याग की स्वयं के लिए हठ करो.

अपनी अस्तित्व रचयिता ज्ञानी, प्रबुद्ध प्रबल बनो. 

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