तुम भारत के वीर उठो

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तुम भारत के वीर उठो              (नीरज शर्मा)

Neeraj sharmaNeeraj sharma February 9, 2022
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      तुम भारत के वीर उठो
             (नीरज शर्मा)

तुम भारत के वीर उठो मैं तुम्हें उठा के जाऊगा,                            भारत के बलिदानी बेटे याद दिला के जाऊगा।
देश में शत्रु आन घुसे है तुम्हें ज्ञात करवाऊंगा।
चंद्रशेखर आजाद की कसमें आज सुना के जाऊंगा।
भगतसिंह सुखदेव की फांसी तुम्हें दिखा के जाऊंगा।
राजगुरू का वलिदान जो भूले उन्हें रट्टा के जाऊंगा।
बिस्मिल अशफाक के नागमें आज फिर दोहराऊंगा।
जलियांवाला बाग का रूदन तुम्हारे कानो तक लाऊगा।
सुभाष चंद्र की फौजी शहादत याद दिला कर जाऊगा।
बोला डवायर मैं मारूगा कह ऊधम सिंह सरदार उठा।
तुम भी ऐसे वीर उठो मैं तुम्हें उठा के जाऊगा,                       भारत के बलिदानी बेटे याद दिला के जाऊगा।

ज्यों महाराणा हल्दी की घाटी में करने संग्राम उठे।
ज्यों गुरूओंं की धर्म बचाने चमकदार कृपाण उठे।
ज्यों श्री कृष्ण का सुदर्शन न्याय के हक में आन उठे।
ज्यों प्रभु राम का राम बाण करने वध पापियों का उठे।
ज्यों गौरी को मृत्यु देने पृथ्वीराज के अमोघ बाण उठे।
ज्यों चितौड़ दुर्ग के अन्दर जौहर की लपटे बुलंद उठे।
ज्यों पेशवा बाजीराव दिल्ली विजय को मचल ‌उठे।
ज्यों छत्रपति शिवाजी का बाघनख हाथ में आन उठे।             ज्यों मां चामुंडा दुष्टों का खप्पर भर पीने को तड़प उठे। 
तुम भी ऐसे वीर उठो मैं तुम्हें उठा के जाऊगा,                       भारत के बलिदानी बेटे याद दिला के जाऊगा।

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