महाराणा प्रताप की तलवार

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महाराणा प्रताप की तलवार         (रचना-नीरज शर्मा)

Neeraj sharmaNeeraj sharma February 28, 2022
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  महाराणा प्रताप की तलवार
        (रचना-नीरज शर्मा)

मियान से निकाल असि राणा काटें अरि ऐसे,
अरू उदय काटे अंध बादलों के जाल को।

काटति लपक डंक नागिन अरि मुण्ड ऐसे,
चण्डी को रिझाएं दे मुण्डन की माला को।
 
चढ़ चेतक पे राणा असि काटे बाहुबली ऐसे,
करूं कैसे मैं बखान देख तेरी तलवार‌ को। 

काटती कटीली प्रतिभट काल सी कृपाण ऐसे,
काट काट काटे जैसे चढ़ावा देवे काल को।

काट काट काटा अरि चाट चाट चाटा रक्त ऐसे,
प्यास प्यास प्यासा पिये जैसे पानी के हांड को।

रूंड डूबे मुण्ड डूबे तरनी रक्त भरी उमडे ऐसे,
तोड गंगा तीर आई बुझाने रण की ज्वाल को। 

हाथ प्रताप नाचे कृपाण रण खेत दिखे ऐसे,
नाचता हो रूद्र स्वयं ताड़व के नाच को।

करता प्रणाम हाथ जोड़ महाराणा तलवार ऐसे,
चुंमे हाथ जोड़ 'नीरज' जैसे मंदिर द्वार को।। 
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