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प्रतीक्षा का आनन्द

NayashayarNayashayar December 5, 2021
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प्रतीक्षा का आनंद मिलन में नही
जिसे ढूँढू वो मिले कही भी नही

सबपे हो बारिश इश्क़ की यहाँ
हमे,एक कतरे ने छुआ भी नही

करते है सहरा में फूलो की बाते
मेरी आँखों ने मंज़र ये देखा नही

उसकी सादगी देखने के बाद
उससे बेहतर कोई रंग देखा नही

है उसके आगे चाँदनी भी फ़ीकी
उसके चेहरे सा नूर देखा ही नही

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