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वो मुहब्बत में भी कारोबार कर गई..

NawabzadaNawabzada December 17, 2021
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वो मुहब्बत में भी कारोबार कर गई..


वो माहिर थी फन ए अय्यारी में

अपने इश्क़ में मुझे बीमार कर गई,


अनाड़ी सी शख्सियत थी अपनी

वो मुहब्बत में भी कारोबार कर गई,


जिसे समझते रहे चारागर ए हयात

परिंदा समझ कर शिकार कर गई,


सबक़ ऐसा जो ना किताबो में था

इस क़दर मुझको होशियार कर गई,


हम निभाते रह गए अहद ए वफ़ा

वो लफ्ज़ ए वफ़ा को दागदार कर गई,


::क़मर किदवई


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