मेरी दिलरुबा है...'s image
Poetry1 min read

मेरी दिलरुबा है...

NawabzadaNawabzada December 4, 2021
Share0 Bookmarks 20 Reads0 Likes


मेरी दिलरुबा....


नाजुक लबो वाली है

रंगत जिसकी सुनहरी है,


वैसे तो मेरी दिलरुबा है

मगर दिल से बहरी है,


हम क़ुबूल है पे अटके

वो ना ना पे ठहरी है,


राज़ की बात क्या कहे

वो बात ज़रा गहरी है..!!


:: नवाबज़ादा

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts