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कमअक्लो को अहमक सयाने लगते है...

NawabzadaNawabzada December 4, 2021
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कमअक्लो को अहमक सयाने लगते है...




नये दौर की महफ़िलो में

शरीफ़ लोग पुराने लगते है,


कोठे की औलादे भी खुद को

खानदानी बताने लगते है,


ना होता था पीने को पानी

वो भी हम्माम में नहाने लगते है,


ये वो मुनाफ़िक है गलियों के

जो गैरो के ऐब गिनाने लगते है,


कमअक्लो को अपने बाद बस

अहमक ही सयाने लगते है..!!


::नवाबज़ादा

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