चिराग़ समझ कर... बुझाने में लगे है...'s image
Poetry1 min read

चिराग़ समझ कर... बुझाने में लगे है...

NawabzadaNawabzada December 8, 2021
Share0 Bookmarks 18 Reads0 Likes

चिराग़ समझ कर... बुझाने में लगे है...


कइयो ने कोशिश कर ली

कई और मिटाने में लगे है


सदियों से ज़ालिम ज़माने वाले

नारियो को गिराने में लगे है


शायद चिराग़ समझ कर

फूँक मार कर बुझाने में लगे है


मगर भूल बैठे है वो नादां

क़तरा नहीं समन्दर है नारी


ख़ुद ही डूब जाएँगे वो सब

जो नारी को डुबाने में लगे है..!!


::नवाबज़ादा

@qamarkidwai




No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts