अमृत काल's image
Share0 Bookmarks 234 Reads0 Likes

अमृत काल



क्यों नहीं बदला हमने देश का हाल…

वक़्त अब पूछ रहा हमसे ये सवाल….

आ गया आज़ादी का अमृत काल….


क्यूं ख़ौफ़ नहीं कानून का दरिंदों को….

क्यूं न मिला खुला आसमां परिंदों को….

क्यों नहीं हैं अपराधी बड़े हिरासत में…..

क्यों मिल रहीं हैं कुर्सियां विरासत में…..

चर्चा के बदले क्यों मचता हैं बवाल….

वक़्त अब पूछ रहा हमसे ये सवाल….

आ गया आज़ादी का अमृत काल….


क्यूं दूर रहतें सत्ता और सुख ग़रीब से….

क्यूं न देखे कोई दुःख उसका क़रीब से….

अमीर नज़रों में कब श्रम का मान होगा….

कद्र से अपनी कब हर्षित किसान होगा…..

समानता लाने में बिते क्यों इतने साल…..

वक़्त अब पूछ रहा हमसे ये सवाल….

आ गया आज़ादी का अमृत काल….


क्या नाराज़ अपनों को साथ लाना नहीं….

क्या मिलके विकासपथ पर जाना नहीं….

नफ़रत से हमें क्या यहां हासिल हुआ…..

क्या तजुर्बा हमारा अब क़ाबिल हुआ….

बगै़र प्यार के कैसे होगा ये कमाल…..

वक़्त अब पूछ रहा हमसे ये सवाल….

आ गया आज़ादी का अमृत काल….


क्या नहीं बदलेंगे हम देश का हाल…

वक़्त अब पूछ रहा हमसे ये सवाल….

आ गया आज़ादी का अमृत काल….


देश में नहीं हैं सामर्थ्य का अकाल….

मेहनत से करेंगे हर जीवन खुशहाल…..

आ गया आज़ादी का अमृत काल…..



- नरेश कुशवाहा




No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts