दूरियाँ's image
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खगोलशास्त्रियों ने 
एक कर दिए हैं सारे ग्रह

प्रकृति ने फूलों का नाम नहीं रखा
केवल दिए उन्हें रङ्ग और खुशबू

तुम्हारे कसमसाते होंठों को
चूमने की स्मृतियों में दूरियाँ
कभी याद नहीं आयी

प्रेम में हम अक़्सर आकाश से
नक्षत्र ले आते थे
हमारे प्रेम के पुष्प 
दूरियों के कभी मोहताज़ नहीं रहे

प्रकृति अब भी 
अक्सर खिला देती है
शाखों पर तुम्हारी खुशबू।

~ नन्दिता सरकार

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