शंखनाद's image
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आग लगी है इस सीने में, उस हिंदुत्व के मशाल सी।
क़तरा क़तरा जल उठेगा, जब लौ जलेगी मशाल सी।
आज मेरे सीने में सही, कल तेरे भी जलेगी।
तू राह पकड़ देख चला चल, यह लौ है उस मशाल की।
आग लगी है इस सीने में, उस हिंदुत्व के मशाल सी।।
है धरा ये पावन सी, है ये तुझको पुकारती।
ओढ़ लो चुनर है ये, है ये स्वाभिमान की।
हिंदुत्व की राह है ये, है ये खुद के पहचान की।
साहस शौर्य और वीरता की ये, है ये हिंदुत्व के इतिहास की।
आग लगी है इस सीने मे, उस हिंदुत्व के मशाल सी।।
चलोगे जो साथ तो, जहाँ भी कपकपाएगा।
देख कर के जोश तो यह, दुश्मन भी थरथराएगा।
तब होगी पूर्ण ये, परीक्षा जन कल्याण की।
आग लगी है इस सीने में, उस हिंदुत्व के मशाल सी।।

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