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एक बात थी उसमें चलती थी जब भी हमारे होश उड़ाया करती थी.....

Nageshwar GiriNageshwar Giri May 11, 2022
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एक बात थी उसमें चलती थी जब भी हमारे होश उड़ाया करती थी,
रौशन होती थी वो गलिया जिससे अक्सर वो आया करती थी ।।
खामोश चेहरा हसीन जुल्फें वह बार बार हमें उलझाया करती थी,
जुगनू सी चमक लिए वो अंधियारे में आग लगाया करती थी ।।

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