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अद्वैत का अंतर्द्वंद (पहला संस्करण)

Murli MishraMurli Mishra January 23, 2022
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शिव भी तू है शक्ति तू है

नर भी तू  नारायण तू है

राम भी तू है रावण तू है

कर्ण भी तू और अर्जुन तू है

 

काली तू है दुर्गा तू है

राधा तू रुक्मिणी भी तू है

जीवन तू है जीवित तू है

पानी तू और प्यास भी तू है

 

ज्ञान भी तू विज्ञान भी तू है

धर्म भी तू अध्यात्म भी तू है

कर्म भी तू और कर्त्ता तू है

दृष्टि तू और दृश्य भी तू है

 

भोगी तू और भोग भी तू है

योगी तू और योग भी तू है

सिंह भी तू और हिरणी तू है

उपज भी तू और धरती तू है

 

सागर तू है लहर भी तू है

सृष्टि तू और सृष्टा तू है

मूल भी तू और माया तू है

वृक्ष भी तू और छाया तू है

 

मन भी तू मन्वन्तर तू है

पिता भी तू और माता तू है

मैं भी तू और तू भी तू है

फिर भी इतना अंतर क्यों है ?

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