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"मैंने देखा है"

Mukta PriyadarshaniMukta Priyadarshani January 11, 2022
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मैंने देखा है।
"असंभव का संभाव्य होना,
चाँदनी में किरणों का खोना।
सागर के लोटे में प्रान,
मछली की ऊँची उड़ान।
सूखे पत्ते जवाँ होते,
टूटे तारे के प्रतिलोम गोते।
वायु का दिखता स्वरूप,
भोजन बनाती पत्तों से धूप।"

कुछ हकीकत,
कुछ ख्वाब और
अकसर कविताओं में।

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