तन्हाई's image
Share0 Bookmarks 21 Reads0 Likes

तन्हाई को जाना है क्या तुमने?


शीशे के पीछे,

आंसुओं को छिपाते देखा है।

दोस्तों के महफ़िल में भी,

खड़े लोम, सुनी आँखें और

ख़ामोश मन को जाना है।

कुछ ज़ाहिर करना चाहे भी तो…..

काँपते होठों से,

लफ्जें बायां होते देखा है।

मायुसी को मुस्कान के,

नक़ाब में देखा है॥


…….मुकेश…..

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts