ज़ुल्म ऐसा है कि देखा नहीं जाता's image
Poetry1 min read

ज़ुल्म ऐसा है कि देखा नहीं जाता

Muhammad Asif AliMuhammad Asif Ali June 13, 2022
Share0 Bookmarks 46 Reads0 Likes

ज़ुल्म ऐसा है कि देखा नहीं जाता

दर्द ऐसा ही कि कोई इलाज नहीं

टूटे हुए को और तोड़ो न तुम कहीं

ये तो किसी दुश्मन का भी अंदाज़ नहीं

वो चैन से कमाकर रोटी खाने वाले

अब उनका घर में बंद सामान नहीं

नफरत छोड़ो मुक़म्मल मुल्क जोड़ो

हम इंसान हैं सब कोई हैवान नहीं


मुहम्मद आसिफ अली (Indian Poet)

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts