मैं मुसलमान हूँ's image
Poetry2 min read

मैं मुसलमान हूँ

Muhammad Asif AliMuhammad Asif Ali June 21, 2022
Share0 Bookmarks 8 Reads0 Likes

मैं एक फ़रमान हूँ

तेरे लिए अहकाम हूँ

तुझ से कैसे डरूँ तू बता

मैं मुसलमान हूँ


तेरी हसरत नहीं होगी पूरी

तेरी तमन्ना रह जाएगी अधूरी

मैं जोड़ता इसमें ईमान हूँ

मैं मुसलमान हूँ


वहाँ पे तू बे-ज़बान होगा

बुरा तेरा अंजाम होगा

चार दिन की हुकूमत पे इतना नशा

मैं तो सदियों से सुल्तान हूँ

मैं मुसलमान हूँ


अपनी हरकत से किसी को न सता

सच्चाई जा कर अपनी सबको बता

बैठकर कुर्सी पे क्यों इतराता है तू

मैं तो दोनों जहाँ की जान हूँ

मैं मुसलमान हूँ


तेरी अच्छाई जंग खाने लगी

तेरी बुराई शर्माने लगी

आजा लग जा तू मेरे गले

मैं तेरा ईमान हूँ

मैं मुसलमान हूँ


तू न होगा कभी कामयाब

बताएगा अगर ख़ुद को साहब

आजा तू भी उसकी पनाह में

जिसका मैं भी ग़ुलाम हूँ

मैं मुसलमान हूँ


तेरी सोच बिल्कुल छोटी है

तेरे गुनाहों की पोटली मोटी है

कर ले तू भी उस रब से तौबा

जिसका मैं भी मेहमान हूँ

मैं मुसलमान हूँ


छोटों पर ज़ुल्म ढाता है तू

बे-ईमानी की खाता है तू

कर ले तू भी उससे मोहब्बत

जिसके सदके मैं भी इंसान हूँ

मैं मुसलमान हूँ


  • Muhammad Asif Ali (Indian Poet)


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts