मौसम's image
Share0 Bookmarks 65 Reads0 Likes

एक एक कर उड़ गए परींदे सारे

सूनी हर डाली हो गई


जबसे सूख गया वो पड़े पुराना

किसी ने उसकी कद्र ना की


कभी घंटो गुजार दिया करते थे छांव में जिसकी

अब उस पेड़ के पास को ठहरता भी नहीं


इस पतझड़ ने बता दिया हमें

की मौसम बसंत का सदा रहता नहीं


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts