तुम's image
Share0 Bookmarks 39 Reads0 Likes
कोई लिखता है छुप छुपकर तुझे अपनी व्यक्तिगत डायरी में
तू खुशनसीब खुद को मानता क्यों नहीं? 

कोई पढ़ता है तेरी आंखों में बसे गहरे सूनेपन के सागर को,
तू खुलकर साफ़ साफ़ खुद को बतलाता क्यों नहीं?

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts