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तू ठहर जा जमीन।

mitalkrishanmitalkrishan August 2, 2022
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ये प्यास का पर्वत अब बस पिंघलने वाला है।
ये सांसो का जंगल अब बस जलने वाला है।।
तुझे घाव देने वाले तरस जाएंगे मरहम को।
तू ठहर जा जमीं, वक़्त बदलने वाला है।। 

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