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रुपए के यार

AnkurAnkur February 19, 2022
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कुछ यार मेरी शक्सियत के बने , कुछ बने मेरे बटुए के

बटुए के यार आज भी वफादार हैं, अपने ही साथ छोड़ गए !!


मतलब निकल जाने पे अजनबी से जो आप हो गए

खता मेरी है जो में ज़माने के निज़ाम भूल गया !!


कुछ ख्वाइशें तो मैने खरीद ली

मेरी रंजिशों के खरीदार तलाश रहा हूं!!


एक बाज़ार इश्क का भी है

यहां आंसू भी खूब बिकते हैं!!

आजमाइश सब के लिए नही

यहां खरीदार कम दिखते है!!



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