फूल की ख्वाहिश's image
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एक फूल तोड़ने को हाथ ज्यों बढ़ाया,

फूल मुस्करा कर बोला,

मुझको कहां चढ़ाओगे,

मंदिर में चढ़ाओगे तो जीवन सफल होगा मेरा,

ईश्वर के पैरो की शोभा बन जाऊंगा,

शहीद के स्मारक पर मुझे रख दोगे तो,

शहीद बनकर मै भी मुस्कराऊगा,

इस लिए कहता हूं, मुझे तोड़ने से पहले

ए बता दो मुझे कहां चढ़ना है,

किसकी शोभा बनना है ।

मैंने कहा,

तुमको मै ईश्वर के गले का हार बनाऊंगा

लाखों भक्तों का प्यार दिलाऊंगा,

यदि ऐसा ना हुआ तो,

शहीद के गले का हार सुंदर हार बनाऊंगा,

फूल मुस्करा कर बोला,

धन्य हो जाएगा जीवन

ईश्वर के गले का जब हार बन जाऊंगा

शहीद की मजार पर यदि रख दोगे तो,

उसकी सहादत का हिस्सा बन जाऊंगा,

मेरा जीवन सफल होगा मान लूंगा ऐसा ,

मै आप के लिए दुआ देकर जाऊंगा।









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