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शब्दों की जुगलबंदी से

संदेश जो निकले

कविता बनकर हर

हर धड़कते दिल को छूले

सुनकर जिसे शुकून का

एहसास आ जाए

शब्दों के छंदों से अम्बर यूं पिघले

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