ईश्वर की प्रार्थना's image
Poetry1 min read

ईश्वर की प्रार्थना

मेरे दिल से USHAमेरे दिल से USHA May 23, 2022
Share0 Bookmarks 68 Reads0 Likes

एक बार आ जाओ ना,

मेरी उलझन को सुलझाओ ना,

आप से ही उम्मीद लगाए बैठी हूं

एक बार आ जाओ ना,

मेरी उलझन को सुलझाओ ना

आप है सबके मालिक,

जगत विधाता आप है,

जीव जंतु सब प्राणी के

पालन कर्ता आप है,

विनती करते सभी आप से,

विघ्न हर्ता आआप है,

एक बार हम दुखियों का,

दुख हर्ता बन जाओ ना,

सुख -दुख के आप है दाता,

सबके आप है भाग्य विधाता,

फिर हमको है क्यों तरसाता,

हमारे विनती को ठुकराओ ना

एक बार आओ ना ।


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts