अपने रिश्ते's image
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जीवन की हर कड़ी रिश्तों से जुड़ी है

इसमें छिपी जीवन की फुलझड़ी है

कभी हंसना कभी रोना रूठना और मनाना,

गम और खुशी के पल से जीवन की लड़ी है

जीवन की हर कड़ी रिश्तों से जुड़ी है

रिश्तों की खुशबू से जीवन महकता है

पल - पल का जीवन रिश्तों से संवरता है

अपनों के जीवन से खुशियां बड़ी है

जीवन की हर खुशी रिश्तों से जुड़ी;

माता-पिता की खुशियां जीवन का सार है

इनके पैरों तले अपना संसार है

जीवन की हर कड़ी रिश्तों से जुड़ी

भाई बहन का प्यार पति-पत्नी की नोंक-झोक

जिनमें गुजर जाता है जीवन बेरोक -टोक

बच्चों की किलकारियों की गूंज बड़ी है

इनमें छिपी जीवन की फुलझड़ी

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