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ये मेरा अधिकार है

Megha SinghMegha Singh November 18, 2022
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कठपुतली सी जीवन मेरी
दुसरो के इसारे पर चलती
 कोई मेरी नहीं सुनता
 सब कोई बस सुनाता
ये मेरी जिंदगी है,
ये मेरा अधिकार है।
मैं कैसे जीना चाहु,
 मैं कैसे रहना चाहु,
 मैं कैसी दिखाना चाहु,
 मैं क्या बनना चाहु,
ये मेरी जिंदगी है,
ये मेरा अधिकार है।
समझते क्यों नहीं वो 
ये मेरी जिंदगी है,
 ये मेरा अधिकार है।
कठपुतली सी जीवन मेरी
 दुसरो के इसरो पर चलती
 एक समय था जब
 मैं कठपुतली देखा करती थी,
 एक समय है अब
 जहा मैं कठपुतली सी दिखा करती हूं।
मैं जीना चाहु ,अपनी अंदाज में।
 मैं कहना चाहु, अपनी अल्फाज मे ।
 ये मेरी जिंदगी है,
 ये मेरा अधिकार है।
 मैं अपने फैसले लेना चाहू,
मैं खुल के हंसना चाहु,
मैं खुल के रोना चाहु,
मैं खुल के गाना चाहु,
 मैं खुल के झुमना चाहु,
 मैं पूरी दुनिया घुमना चाहु,
ये मेरी जिंदिगी है,
ये मेरा अधिकार है।
समझाते क्यों नहीं वो
ये मेरी जिंदगी है,
 ये मेरा अधिकार है।
                           -@मेघा

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