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Romantic PoetryPoetry1 min read

एक निशानी हूँ मैं – हिंदी कविता

Md Anees QamarMd Anees Qamar August 12, 2022
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एक निशानी हूँ मैं – हिंदी कविता


रख सकों तो एक निशानी हूँ मैं

खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं

रोक ना पाए जिसको ये सारी दुनिया

वो एक बूंद आँख का पानी हूँ मैं…


सबको प्यार देने की आदत है हमें

अपनी अलग पहचान बनाने की आदत है हमें

कितना भी गहरा जख़्म दे कोई

उतना ही ज्यादा मुस्कुरानें की आदत है हमें..


इस अजनबी दुनिया में अकेला ख़्वाब हूँ मैं

सवालों से खफा छोटा सा जवाब हूँ मैं

जो समझ ना सके मुझे उनके लिए कौन

जो समझ गए उनके लिए खुली किताब हूँ मैं..


आँख से देखोगे तो खुश पाओगे

दिल से पूछोगे तो दर्द का सैलाब हूँ मैं

अगर रख सकों तो एक निशानी हूं मैं

खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं…


MD ANEES QAMAR

   एमडी अनीस कमर



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