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में कहाँ हूँ?

MridulMridul April 29, 2022
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तेरे इंतज़ारमें हूँ मैं,

अधूरे प्यारमें हूँ मैं,


चले थे छोड़ जिस में तुम..

उसी ग़ुबारमें हूँ मैं,


अधूरा रह गया था जो..

उसी शृंगारमें हूँ मैं


था रास्ता तुमने जब बदला..

वहीं मँझधारमें हूँ मैं..


है तेरे संग यहाँ मजमा,

इसी बाज़ारमें हूँ मैं..


है मीठी सी तेरी बोली

हाँतेरी पुकारमें हूँ मैं..


झुका कर जो कहें आँखें,

उसी स्वीकारमें हूँ मैं..


सुनहरी सीतेरी शामें

के उस अंधकारमें हूँ मैं..


चमकती जिन से वो नज़रें..

उस अश्रु-धारमें हूँ मैं.. 


कभी तुम हमको पढ़ते थे..

उसी दरकारमें हूँ मैं.. 


तुम्हीं ने हाथ जब छोड़ा,

उसी आसारमें हूँ मैं..


-मृदुल

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