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छुआ ना हो, तुझको कभी… महसूस किया है..

MridulMridul December 10, 2022
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छुआ ना होतुझको कभी

महसूस किया है..


के साँसों साकभी रूह सा तुझे

मख़्सूसकिया है..


ना आँखों में मेरी तुम हो

ना नज़रों में बसे हो तुम..


मगर तुझकोमेरी धड़कन में ही.. 

महफ़ूज़ किया है


चले काफिरज़माना है,

कहाँ रोके रुका है ये,


इबादत ने मेरीदर को तेरे..

मख़्दूम** किया है..


जो चाहो दोसज़ा मुझको..

के तेरा हक़ही तो है ये..


जो तुमको खुदख़ुदा हम हीने तो..  

मंज़ूर किया है..


-मृदुल


*

मख़्सूस - जो खास तौर पर या किसी विशेष कार्य के लिए अलग कर दिया गया होविशिष्टखासप्रधानप्रमुखविशेषनिर्दिष्ट


https://www.rekhtadictionary.com/meaning-of-makhsuus?lang=hi


**

मख़्दूम - master, respected person, पूज्यपूजनीयजिसकी सेवा की गई होस्वामीमालिकमान्य


https://www.rekhtadictionary.com/meaning-of-makhduum?lang=hi


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