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ज़िंदा रहने तक बोलेंगे

manumanu June 2, 2022
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ज़िंदा रहने तक बोलेंगे 

सच ही मेरे लब बोलेंगे

कड़वा भी सुनना होगा

सुनो हम जब-जब बोलेंगे 


झूठ तुम्हारा सारी दुनिया को

अपने तरीके से बतलायेंगे 

तुमसे गिनवाएँगे सारी गुठली

हम आम बैठकर खाएंगे


तुम राजा नहीं हो नौकर हो

औकात तुम्हारी दिखाएंगे 

तुमसे दुगना तुम्हे सतायेंगे   

हम 'अपनी पे' जब आएंगे 


तानाशाह की कनपट्टी पर

चढ़कर शोर मचाएंगे

न धीमे-धीमे, न मीठा-मीठा

हम चीखेंगे और चिल्लायेंगे 


बहरों के सुनने तक बोलेंगे 

इतनी जोर से अब बोलेंगे 

ज़िंदा रहने तक बोलेंगे 

सच ही मेरे लब बोलेंगे

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