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काश ज़ुबाँ होती इस दिल की

manumanu July 7, 2022
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काश ज़ुबाँ होती इस दिल की

हाल ये अपना बता पाता


जैसे बसते राम-सिया हनुमत में

बसते हो बस तुम इस दिल में

साथ तुम अपने गर खंजर लाते

दिल चीर के अपना दिखा जाता


काश ज़ुबाँ होती इस दिल की

हाल ये अपना बता पाता


---


अच्छा है जो साथ ये छूटा

फिर भी मेरा दिल न टूटा

टूट गया होता गर दिल तो

मैं टूटे दिल से कहाँ जाता


काश ज़ुबाँ होती इस दिल की

हाल ये अपना बता पाता


---


प्यार की पगडंडी का सफर 

मिले थे जैसे कोई हमसफ़र 

तुम न मिलते, दर्द न मिलता

फिर क्या मैं गीत बना पाता 


काश ज़ुबाँ होती इस दिल की

हाल ये अपना बता पाता

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