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और तुमको पता ही नहीं

manumanu April 11, 2022
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तुम रोज़ मिलते हो मुझसे ख्वाब में 

कमाल ये है कि तुमको पता ही नहीं 


तुम्हारी खामोशी से मैं डर गया इतना,

सोचा तो बहुत, पर कुछ कहा ही नहीं


तुमसे ज्यादा थी मुझे फिक्र तुम्हारी 

लेकिन जताने का हक़ जरा भी नहीं 


जी नहीं सकता था तुम्हारे बगैर मैं 

और देखो मैं अब तक मरा भी नहीं


खोते-खोते लो खो ही दिया न तुमको,

पर कभी खोने के डर से डरा ही नहीं

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