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मुझे छोड़ के तुम न जाना प्रिये

MansMans June 16, 2020
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मुझे छोड़ के तुम न जाना प्रिये 

बैठे-बैठे ही मैं बिखर जाऊंगा

रात रानी हो तुम मेरे बाग की

महकोगी नहीं तो मैं मर जाऊंगा


हाथों की लकीरों को जो जोड़ा था तुमने

तुमको उनकी कसम तुम जाओगी नहीं

मुझको पता है कि तुम हो स्वलम्बी

जाओगी तो तुम फिर आओगी नहीं

आपस मे फसी हैं अपनी उंगलियां

 छुड़ाओगी उनको मैं सिहर जाऊंगा


एक कतरा कभी जो रखी थी सम्भाल

आज दरिया मेरा बह जाने दिया

दिल है तुम्हारा बना मोम का

आज उसको भी न ढह जाने दिया

मेरे हाथ मे रखो हाथ तुम

नहीं उजालों से मैं डर जाऊंगा


बहुत सी किताबें पढ़ी हैं मैंने

पर मेरी गीता का तुम्ही सार हो

बहुतों के लिए यंहा बहुत हैं बहुत

पर तुम्ही मेरी केवल संसार हो

कान पकड़ के क्षमा याचना

तुम्हारी कसम मैं सुधर जाऊंगा

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