कदम की डाल पर मोहन
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कदम की डाल पर मोहन Kadam ki dal par Mohan

Manoj Kumar MishraManoj Kumar Mishra June 15, 2022
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कदम की डाल पर मोहन
मधुर मुरली बजाते हो
मै सुध बुध भूल जाती हूं 
मुझे तुम क्यों सताते हो

कदम की डाल पर मोहन
मधुर मुरली बजाते हो

बरसाने की गोपी 
मुझे मिलकर चिढाती हैं 
मैं मिलने आई थी निधिवन
यह सखियां जान जाती हैं 
बजाकर बांसुरी मोहन
मुझे तुम क्यों बुलाते हो

कदम की डाल पर मोहन
मधुर मुरली बजाते हो

पनघट पर तुम ग्वाले
हमें क्यों छेड़ने आते 
गोकुल से बरसाने 
फोड़ने मटकी तुम आते 
दिखाकर सांवली सूरत 
हमें तुम क्यों रिझाते हो

कदम की डाल पर मोहन
मधुर मुरली बजाते हो

तुम्हारे रूप पर कान्हा 
सभी सखिया दीवानी है 
तुम्हें मै याद करती हू
वे सब आंसू बहाती हैं 
मुरली बजा कर सावरे
मुझे तुम क्यों नचाते हो

कदम की डाल पर मोहन
मधुर मुरली बजाते हो
मै सुध बुध भूल जाती हूं 
मुझे तुम क्यों सताते हो
     
         मनोज मिश्र 

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