वक्त's image
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पत्थर हूँ 
सुरक्षित हूँ 
मोम होता
तो पिघल जाता 

वक्त हूँ 
चल रहा हूँ 
लम्हा होता
गुज़र जाता 

जहर हूँ
बचा हुआ हूँ 
अमृत होता
तो बँट जाता 

मरणासन्न हूँ 
सिसक रहा हूँ 
जीवित होता
तो मर जाता ।

     मं शर्मा( रज़ा)

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