सार्थकता's image
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इस मौन से कमरे की
खामोशी को चीरती आवाज
मेरे कानों में सीसा
उंडेलती प्रतीत हो रही है

कमरे में एक मुझसा थकाहारा
लेकिन बाआवाज़ पंखा
अपने जीवन की
सार्थकता का प्रचार कर रहा है ।

      मं शर्मा (रज़ा)

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